शिवलालपुर अमरझंडा स्थित जंगलवाला बालाजी धाम से एक हैरान कर देने वाली खबर आयी है जहां तंत्र-मंत्र और कथित जहरीले इंजेक्शन से 6 वर्षीय मासूम अर्पित की मौत हो गयी इस मामले में दो राज्यों उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की पुलिस के बीच उलझे इस संवेदनशील मामले में अब काशीपुर पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आइटीआई कोतवाली की पुलिस टीम ने धाम में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर अपने कब्जे में ले लिया है।शुरुआती फुटेज जांच में बच्चा और उसकी दादी धाम में प्रवेश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल पीड़ित पक्ष काशीपुर पहुंचा है और उनसे विस्तृत बातचीत की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।बता दें कि संभल, यूपी के बैरनी गांव निवासी सुगर सिंह का 6 वर्षीय इकलौता बेटा अर्पित गले की गांठ से पीड़ित था। 27 जुलाई को उसकी दादी वीरवती उसे काशीपुर के बालाजी धाम लेकर आई थीं। परिजनों का आरोप है कि मंगलवार सुबह धाम के महंत ने इलाज के नाम पर बच्चे को संदिग्ध इंजेक्शन दिया, जिसके बाद उसे उल्टी हुई और सुबह 10 बजे मौत हो गई। आरोप यह भी है कि मौत के बाद दादी व फूफा को धाम में ही बंधक बना लिया गया था। बंधक बनाए जाने की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण 3-4 गाड़ियों में काशीपुर पहुंचे। आक्रोशित भीड़ ने धाम में तोड़फोड़ कर महंत सत्यवीर सिंह और सेवादारों के साथ मारपीट की तथा महंत समेत सहयोगियों को पकड़कर संभल ले गए। संभल में बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। परिजनों द्वारा सौंपे गए आरोपी महंत सत्यवीर सिंह और उसके सहयोगी से पुलिस हिरासत में पूछताछ कर रही है। वहीं, काशीपुर घटनास्थल होने के कारण आइटीआई थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तोड़फोड़ और मारपीट के पहलुओं की जांच कर रही है। पीड़ित पक्ष की के द्वारा लिखित शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया होगी। फिलहाल संभल पुलिस पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके। Post navigation जाखन नदी में पैर फिसलने से बही 12 साल की बच्ची, फौजी और युवकों ने बचाई जान बेटे की चाह में पिता बना हत्यारा अपनी ही नवजात बच्ची अस्पताल में ही घोंट दिया गला