जयपुर के शिकारपुरा अंडरपास एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि उस दर्द की कहानी है जो धीरे-धीरे एक मां को अंदक से तोड़ता गया है एक औरत ने अपने 8 साल के मासूम बेटे को गले लगा कर ट्रेन के आगे छलांग लगा दी, रामकन्या, जो कभी अपने बेटे के लिए जी रही थी, आखिरकार उसी बेटे को सीने से लगाकर मौत की राह पर चल पड़ी तेज रफ्तार ट्रेन के आगे छलांग लगाते समय शायद उसके मन में आखिरी ख्याल भी अपने बच्चे की सुरक्षा का ही रहा होगा, लेकिन उस एक पल में उसका सब कुछ खत्म हो गया l

मरने से पहले रविवार शाम को रामकन्या ने अपने भाई को फोन किया था आवाज में दर्द था, थकान थी और एक टूटन भी “अब और नहीं सह सकती” यह सिर्फ शब्द नहीं थे, बल्कि एक ऐसी पुकार थी, जिसे शायद सही समय पर कोई समझा नहीं जा सका परिवार को अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत उनकी आखिरी बात होगी अगले ही सुबह जब पटरियों पर मां-बेटे के शव मिले, तो हर कोई सन्न रह गया. किसी को यकीन नहीं हो रहा था रामकन्या की शादी को लगभग 15 साल हो गए थे रामकन्या की शादी रामदयाल बैरवा से हुई थी समय के साथ यह रिश्ता सहारे की बजाय बोझ बनता चला गया पति की नशे की लत ने घर का माहौल पूरा बिगाड़ दिया था आए दिन झगड़े, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न ने रामकन्या को अंदर तक तोड़ दिया था ससुराल पक्ष पर भी लगातार प्रताड़ना के आरोप लगे हैं. दहेज और घरेलू विवादों ने उसकी जिंदगी को एक अंतहीन संघर्ष बना दिया था l जिसके बाद उसने यह कदम उठा लिया l

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